खिड़की के पास बैठी लड़की और मोबाइल में खोया लड़का, सोशल मीडिया से जन्मी मोहब्बत का एहसास.

रफ़्ता-रफ़्ता तुम दिल में उतर गए

एक साधारण हाय-हैलो से शुरू हुई बातचीत कैसे धीरे-धीरे गहरी दोस्ती और फिर मोहब्बत में बदल गई. रिधिमा और एक लड़के की संवेदनशील, भावुक और आत्मिक प्रेम कहानी पढ़िए.

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जज़्बातों का मेला है ज़िंदगी

ज़िंदगी कोई साधारण चीज़ नहीं, यह भावनाओं, यादों, रिश्तों और एहसासों का कुल योग है। यह क़ीमती भी है, तकलीफ़देह भी है, लेकिन हर पल हमारे बहुत पास है।

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रह गया तो रह जाने दो

जीवन क्षणभंगुर है, और प्यार भी कुछ लम्हों का होता है। कभी-कभी साथ रहते हुए भी पल दूर हो जाते हैं। यादें, थोड़ी खुशी और थोड़े ग़म के साथ, हमें हर पल जीना सीखना होता है। जो आज है, वह कल नहीं रहेगा, इसलिए हर अनुभव को पूरी गहराई से महसूस करना ही जीवन का सार है।

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