नीम के पेड़ से झाँकता हुआ चाँद
नीम के पेड़ से झाँकता हुआ चाँद सिर्फ़ आसमान का चाँद नहीं, बल्कि समय का मौन साक्षी है। जून की तपती रात में चारपाई पर लेटी एक स्त्री अपनी स्मृतियों, रिश्तों और बदलती पीढ़ियों की यात्रा को चाँद से साझा करती है। यह रचना जीवन के बदलते पड़ावों की मार्मिक अनुभूति कराती है।
