Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
भारतीय ट्रेन के डिब्बे में खिड़की के पास बैठी एक महिला सहयात्री मुस्कुराते हुए एक नवविवाहित दंपती से बातचीत कर रही है। बाहर हरियाली और बारिश का मौसम दिखाई दे रहा है, जो आशा, प्रेम और नए रिश्तों का प्रतीक है।

मुसाफ़िर और मोहब्बत

कभी-कभी जीवन की सबसे बड़ी सीख अपने नहीं, बल्कि सफर में मिले अनजान लोग दे जाते हैं। यह मार्मिक रेल यात्रा संस्मरण एक नवविवाहित दंपती और एक सहयात्री के बीच हुए संवाद के माध्यम से प्रेम, धैर्य, संयुक्त परिवार और रिश्तों की खूबसूरती को उजागर करता है। कहानी बताती है कि रिश्तों में आने वाली कठिनाइयाँ स्थायी नहीं होतीं। धैर्य, संवाद और विश्वास से हर संबंध इंद्रधनुष की तरह फिर से रंगों से भर सकता है। यह कहानी हर उस व्यक्ति के दिल को छू जाएगी, जिसने कभी जीवन के किसी सफर में अनमोल इंसान और अनमोल सीख पाई हो।

Read More

आंख मारने की कला

अनुपम नीता बरडे, प्रसिद्ध व्यंग्यकार, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) मैं उस शख़्स को शाष्टांग दण्डवत करता हूँ जिसने पहले पहल “आँख मारने ” की कला विकसित की ! ज़रा आप ही सोच कर देखिये कि इस छोटे से , सरल से “संकेत” से कितना बड़ा “संदेश” , पलक झपकते ही दूसरी ओर चला जाता है और मैं…

Read More