Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers

नियति से बहस नहीं

शैफाली सिन्हा, नवी मुंबई (महाराष्ट्र) बचपन से ही मैंनेख़ुद को पीछे रखकरसबकी सेवा की।लोग आश्वासन देते रहेइसका फल ज़रूर मिलेगा। फल की कभी चाह नहीं रही,बस कोई स्नेह सेदो मीठे बोल कह देतो वही मेरी सबसे बड़ी पूँजी बन जाते। शायद यही मेरी नियति थी,या शायद मेरा होना हीकिसी और का सहारा बनने के लिए…

Read More