“छटती धुंध”
समाचारों में बुज़ुर्गों के साथ बढ़ते अत्याचार की खबरें मन में भय और भविष्य की चिंता भर देती हैं। लेकिन एक दिन बेटे-बहू का लिया गया छोटा-सा निर्णय एक माँ के जीवन की सारी धुंध छाँट देता है। पढ़िए “छटती धुंध”, परिवार, अपनत्व और बुज़ुर्गों के सम्मान का मार्मिक संदेश देती एक भावनात्मक लघुकथा।
