चुप्पा प्रेम
कुछ प्रेम साथ रहने की ज़िद नहीं करते, अधिकार नहीं जताते और बार-बार अपने होने का एहसास भी नहीं कराते. वे बस आपकी छोटी-छोटी बातें याद रखते हैं. विक्रांत का प्रेम भी कुछ ऐसा ही था—खामोश, बिना दिखावे का और बेहद अपना.

कुछ प्रेम साथ रहने की ज़िद नहीं करते, अधिकार नहीं जताते और बार-बार अपने होने का एहसास भी नहीं कराते. वे बस आपकी छोटी-छोटी बातें याद रखते हैं. विक्रांत का प्रेम भी कुछ ऐसा ही था—खामोश, बिना दिखावे का और बेहद अपना.