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खिड़की के पास कॉफी के साथ चुप्पे प्रेम को महसूस करती महिला

चुप्पा प्रेम

कुछ प्रेम साथ रहने की ज़िद नहीं करते, अधिकार नहीं जताते और बार-बार अपने होने का एहसास भी नहीं कराते. वे बस आपकी छोटी-छोटी बातें याद रखते हैं. विक्रांत का प्रेम भी कुछ ऐसा ही था—खामोश, बिना दिखावे का और बेहद अपना.

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