मुसलसल याद करते जा रहे हो तुम
ख़यालों में बार-बार लौटते प्रेम, ख़ामुश इशारों और बीते माज़ी की यादों को शब्द देती यह ग़ज़ल दिल के अनकहे एहसासों की खूबसूरत अभिव्यक्ति है।

ख़यालों में बार-बार लौटते प्रेम, ख़ामुश इशारों और बीते माज़ी की यादों को शब्द देती यह ग़ज़ल दिल के अनकहे एहसासों की खूबसूरत अभिव्यक्ति है।