जीवन के कठिन मार्ग पर अकेला चलता एक व्यक्ति, चारों ओर घना जंगल और पथरीला रास्ता, संघर्ष और आत्मचिंतन का प्रतीकात्मक दृश्य।

ज़िंदगी

ज़िंदगी जितनी सरल दिखाई देती है, उतनी होती नहीं। यह कविता जीवन के संघर्ष, रिश्तों की बदलती परिभाषा, मोह-माया और मानव अनुभवों की गहराइयों को भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत करती है।

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