ऑर्गेनिक कहानी
जब मेहनत से उगाई गई ऑर्गेनिक सब्ज़ियों का स्वाद अलग होता है, तो क्या मौलिक रचना और चोरी की पंक्ति में भी कोई फ़र्क़ नहीं होना चाहिए? ‘ऑर्गेनिक कहानी’ इसी सवाल पर तीखा व्यंग्य है.

जब मेहनत से उगाई गई ऑर्गेनिक सब्ज़ियों का स्वाद अलग होता है, तो क्या मौलिक रचना और चोरी की पंक्ति में भी कोई फ़र्क़ नहीं होना चाहिए? ‘ऑर्गेनिक कहानी’ इसी सवाल पर तीखा व्यंग्य है.