Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
अलग-अलग आकाशों के नीचे खड़े दो व्यक्ति, दूरी के बावजूद गहरे आत्मिक जुड़ाव को दर्शाता भावनात्मक दृश्य।

अनाम बंधन

‘अनाम बंधन’ ऐसी कविता है जहाँ प्रेम आग्रह नहीं, बल्कि एक सूक्ष्म अनुभूति बनकर उपस्थित होता है। दूरी, मौन और आत्मिक संबंध के बीच यह रचना अनकहे भावों की गहराई को छूती है।

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अनकहे प्रेम का भाव दर्शाता एक शांत दृश्य, जहाँ दो लोग बिना बोले आँखों से गहरा भाव साझा कर रहे हैं, वातावरण में मोगरे की हल्की सुगंध और कोमल शांति व्याप्त है।

तुम्हारा–मेरा प्रेम

उस प्रेम की कथा कहती है जो शब्दों का मोहताज नहीं होता। आँखों की गहराइयों में ठहरा, निःस्वार्थ और समान पीड़ा में बंधा यह प्रेम मोगरे की सुगंध की तरह मन में सहेजा रहता है धीरे-धीरे फैलता हुआ, आज भी अव्यक्त, फिर भी अटूट और अभेद्य।

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