इश्क नहीं… मगर कम भी नहीं
रिद्धिमा और राघव की यह कहानी प्रेम, अपनापन और भावनात्मक सीमाओं के बीच खड़े एक ऐसे रिश्ते की दास्तान है, जहाँ स्नेह है, पर अधिकार नहीं।

रिद्धिमा और राघव की यह कहानी प्रेम, अपनापन और भावनात्मक सीमाओं के बीच खड़े एक ऐसे रिश्ते की दास्तान है, जहाँ स्नेह है, पर अधिकार नहीं।