समाज में फिल्म माध्यम का महत्व सर्वाधिक

समाज के अंतिम छोर तक किसी भी विषय को पहुंचाने का कार्य फिल्म माध्यम के जरिए प्रभावी ढंग से होता है, इसलिए इस माध्यम का महत्व सर्वाधिक है, ऐसा मत प्रसिद्ध अभिनेत्री रेणुका दफ्तरदार ने व्यक्त किया. पी. एम. शाह फाउंडेशन और वर्धमान प्रतिष्ठान की ओर से आयोजित 14वें स्वास्थ्य फिल्म महोत्सव का समापन रेणुका दफ्तरदार की प्रमुख उपस्थिति में संपन्न हुआ

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नवरात्रि पर्व का हिन्दू धर्म में महत्त्व

“नवरात्रि का महत्त्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, आत्मबल और मानवीय जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला पर्व है। नौ रातों तक माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना से भक्त अपने जीवन में शक्ति, साहस, ज्ञान और भक्ति का विकास करते हैं। उपवास और संयम शरीर को शुद्ध करते हैं, जबकि ध्यान, पूजा और मंत्रजप मन और आत्मा को पवित्र बनाते हैं।

यह पर्व हमें यह शिक्षा देता है कि सत्य और धर्म की विजय निश्चित है, जबकि असत्य और अधर्म का अंत होना अवश्यंभावी है। नवरात्रि का सांस्कृतिक पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है—देशभर में गरबा, डांडिया और रामलीला जैसे उत्सव समाज में उत्साह, एकता और सहयोग की भावना जगाते हैं। साथ ही, यह पर्व स्त्री-शक्ति के आदर और सम्मान का प्रतीक है, जो हमें याद दिलाता है कि नारी केवल स्नेह और ममता की मूर्ति नहीं, बल्कि संकटों का सामना करने वाली साहस और संकल्प की प्रतिमूर्ति भी है।

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रसोई में आम पापड़ बनाती हुई माँ और पास बैठा बच्चा, बचपन की यादों और ममता को दर्शाता भावुक दृश्य।

ख़ुशबू माँ के साथ की

यह कविता माँ के साथ बिताए गए उन अनमोल पलों की स्मृतियों को सजीव करती है, जहाँ ममता, त्याग, अनुशासन और प्रेम की खुशबू हर शब्द में महसूस होती है।

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मुंबई PRS सिस्टम 12 मार्च की रात से 13 मार्च सुबह तक बंद, इस दौरान टिकट बुकिंग सहित कई सेवाएं रहेंगी ठप

PRS आज रात कुछ घंटों के लिए बंद

रेलवे प्रशासन ने जानकारी दी है कि मुंबई यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) 12 मार्च 2026 की रात 11.45 बजे से 13 मार्च 2026 की सुबह 3.15 बजे तक बंद रहेगी. इस दौरान सिस्टम में डिस्क डी-फ्रैग्मेंटेशन का रखरखाव कार्य किया जाएगा.

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बेटियाँ

बेटियाँ घर की रौनक होती हैं चहकती, खिलखिलाती, और दिलों को जोड़ने वाली। बचपन से समझदार बनने तक, और विदाई के क्षण तक, वे अपनी यादें, प्यार और भावनाएँ एक संदुकची में समेटे चली जाती हैं।

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सावन में जरूरी है सात्विक भोजन

सावन केवल धार्मिक दृष्टि से नहीं बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी विशेष होता है। इस महीने सात्विक भोजन अपनाना न केवल शिव आराधना में सहायक है बल्कि शरीर को हल्का, मन को शांत और आत्मा को निर्मल रखने का एक माध्यम भी है। इस बार सावन में सिर्फ आस्था नहीं, स्वास्थ्य की भी रक्षा करें — सात्विक जीवन अपनाएं।

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संतोष कुमार झा का कविता संग्रह “स्याही का सिपाही”

हिंदी दिवस के अवसर पर गांधीनगर, गुजरात में आयोजित 5वें अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के दौरान कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (केआरसीएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संतोष कुमार झा के चौथे काव्य संग्रह “स्याही का सिपाही” का विमोचन किया गया। पुस्तक का विमोचन भारत सरकार के केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, वैज्ञानिक डॉ. आनंद रंगनाथन और भारत सरकार की सचिव (राजभाषा) श्रीमती अंशुलि आर्या द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

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, showing two old brothers reconciling after a small quarrel, sitting together near a mud house courtyard. In the background, women are cooking on a traditional clay chulha with firewood, and a neighbor is taking fire from their hearth. Nearby, an old man is pounding rice in a wooden mortar with a pestle, while children peek curiously over a mud wall.

कहाँ गए वो लोग…

माज का जीवन कभी केवल नियमों या क़ानूनों पर नहीं चलता था, बल्कि आत्मसंयम, पश्चाताप और आपसी मेल-मिलाप पर टिका होता था। जब भी मान-अपमान की बात आती, लोग अहंकार को त्यागकर झुक जाते और पश्चाताप के साथ रिश्तों को सँभाल लेते। उस समय भाइयों में लड़ाई-झगड़े होते भी थे, लेकिन माँ के स्नेह के आगे सब झुक जाते और तुरन्त ही एक-दूसरे से गले मिल लेते।

घर-परिवार में रूठना-मनाना आम बात थी। लोग थोड़ी देर नाराज़ होकर भी घर लौट आते और अपनों का साथ नहीं छोड़ते। गाँव में दीवारें बनीं, लेकिन दिलों की दूरी कभी स्थायी नहीं रही। चूल्हा जलता देख पड़ोसी से आग माँगने जाना अपनत्व का प्रतीक था। जीवन सरल था और सम्बन्ध घनिष्ठ।

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भारतीय शहर की सड़क पर एक डिलीवरी राइडर हेलमेट पहने मोटरसाइकिल रोककर खड़ा है, चेहरे पर थकान और राहत का भाव, पीछे ट्रैफिक और सिग्नल दिखाई दे रहे हैं, यह दृश्य सुरक्षित डिलीवरी और जिम्मेदार क्विक कॉमर्स का प्रतीक है।

10 मिनट की दौड़ खत्म: क्विक कॉमर्स में सुरक्षा की जीत

‘10 मिनट डिलीवरी’ की दौड़ पर विराम लगना सिर्फ विज्ञापन बदलाव नहीं, बल्कि राइडर्स की सुरक्षा और जिम्मेदार क्विक कॉमर्स की दिशा में एक अहम और संवेदनशील कदम है।

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