जुन्नर से गुजरात: 50 तेंदुए जा रहे नए घर

जुन्नर (महाराष्ट्र) से गुजरात तक तेंदुओं का बड़ा “मूवमेंट” होने वाला है। केंद्रीय प्राणी संग्रहालय प्राधिकरण ने 19 दिसंबर को महाराष्ट्र के जुन्नर वन विभाग के 50 जंगली तेंदुओं को गुजरात के ग्रीन प्राणी शास्त्रीय बचाव और पुनर्वास केंद्र में स्थानांतरित करने की मंजूरी दी है। इस निर्णय से जुन्नर वन क्षेत्र के मानव-वन्यजीव संघर्ष में राहत मिलने की उम्मीद है।

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 हिंदी : हिंद देश का हृदय स्पंदन 

हिंदी हिंद देश का हृदय है। यह केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और अस्मिता का ध्वज है। पौराणिक ग्रंथों की महिमा, संतों की वाणी और क्रांति के स्वर सभी हिंदी में गूँजते हैं। मां की लोरी-सी निर्मल और सभी रसों की खान यह भाषा राष्ट्र की आत्मा को स्पंदित करती है। कबीर, तुलसी, सूर, जायसी और मीरा की भक्ति की छवि इसमें झलकती है। यही कारण है कि हिंदी हमारी आन-बान-शान ही नहीं, बल्कि भारत का अभिमान है। हमें इसे केवल राजभाषा ही नहीं, बल्कि राष्ट्रभाषा का सम्मान देना चाहिए।

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अस्तित्व…

अस्तित्व की खोज में वह खुद से बार-बार टकराती है। कभी सपनों में, कभी आकांक्षाओं में, तो कभी शब्दों की परछाइयों में अपने होने का अर्थ तलाशती है। वह अपने भीतर दबे सवालों को सुनती है—”कौन हूँ और क्या हूँ मैं?” और हर बार यह अहसास होता है कि उसका वजूद अभी अधूरा है। यही अधूरापन उसे फिर से जगाता है, नव-कोंपलों-सा उगाता है। अंततः वह अपने भीतर एक ऐसा वृक्ष देखती है, जो अपनी जड़ों से अनगिनत संभावनाएँ पोषित करता है। यही उसका नया अस्तित्व है—सशक्त, गहन और अडिग।

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चरित्र …

चरित्र की व्याख्या समाज ने हमेशा अपने दृष्टिकोण से की है – पुरुष का चरित्र उस पन्नी जैसा है जो टपकती हुई छत पर बांध दी जाती है। चाहे वह कितनी भी मैली हो जाए, वह दीवारों को सीलन से बचाने का काम करती रहती है – बिना कोई प्रश्न किए, बिना कोई उंगली उठाए, बस चुपचाप अपना दायित्व निभाती है।

औरत का चरित्र उस घर की देहरी है, जिसे चाहे जितना भी अल्पना से सजा लिया जाए, उसे पांव मारकर मटियामेट करने का जन्मसिद्ध अधिकार हर किसी को प्राप्त होता है – घर के अंदर वाले को भी और बाहर वाले को भी।

पुरुषों का चरित्र पुरुषों से सदैव सुरक्षित रहता है। वे आपस में महफिलें सजाते हैं, एक-दूसरे की चुप्पियों का सम्मान करते हैं, और “तेरी भी चुप, मेरी भी चुप” के सिद्धांत पर चलते हुए सहजता से जीवन का आनंद लेते हैं।

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विधवाओं की दशा पर केंद्रित स्मारिका का लोकार्पण

महिला जागृति अभियान की पाँचवीं वर्षगांठ के अवसर पर इंदौर में आयोजित एक भव्य समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार अरुणा खरगोनकर द्वारा संपादित विधवाओं की दशा पर केंद्रित स्मारिका का लोकार्पण किया गया. आयोजन विचार प्रवाह साहित्य मंच के तत्वावधान में इंदौर प्रेस क्लब स्थित एक रेस्तरां के सभागार में हुआ, जहाँ बड़ी संख्या में महिलाएँ उपस्थित थीं.कार्यक्रम का शुभारंभ महाराष्ट्र में विधवा प्रथा उन्मूलन आंदोलन के जनक प्रमोद झिंझड़े, वरिष्ठ पत्रकार व समाजकर्मी प्रसून लतांत, इंदौर प्रेस क्लब के मुकेश तिवारी, विचार प्रवाह साहित्य मंच की अध्यक्ष सुषमा दुबे और समाज चिंतक मनीष खरगोनकर ने संयुक्त रूप से किया.

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महकते ख़्वाबों की रात

घर मेरा किसी अनजानी ख़ुशबू से महकने लगा था। जाने क्यों, हर कोने में उसकी आहट गूंजने लगी। फ़िज़ाओं में कोई चाप नहीं थी, फिर भी सन्नाटा जैसे टूटने लगा। मैंने तो किवाड़ बंद रखे थे, पर लगता है कोई ख़्वाब दरवाज़ा खटखटा गया। रातें अब पहले जैसी तन्हा नहीं रहीं — एक उम्मीद थी कि शायद दूरी मिटेगी, और इसी ख़याल से दिल ज़ोरों से धड़कने लगा। जब आखिर मैंने दरवाज़ा खोला, तो हवाओं के साथ आए अरमानों का दीया बुझ गया — जैसे किसी अधूरी मुलाक़ात ने अपनी कहानी वहीं ख़त्म कर दी हो।

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बिना मेकअप और बिखरे बालों के साथ मुस्कुराती एक युवती, जो सच्चे प्रेम और स्वाभाविक सुंदरता का प्रतीक है।

अनगढ़

कभी-कभी प्रेम किसी की सजावट में नहीं, उसके बिखरे हुए रूप में दिखाई देता है। यह कहानी उस एहसास की है, जहाँ कोई आपको आपकी असलियत में देखकर भी कहे”अच्छी तो लग रही हो।”

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टूटे शीशों के बीच खिलता लालबाग

स्नातकोत्तर अध्ययन के दौरान दक्षिण भारत की 21 दिनों की यात्रा लेखक के लिए केवल भ्रमण नहीं, बल्कि भाषा, संस्कृति और मानवीय व्यवहार को समझने का गहन अनुभव बनी। बंगलौर में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच एक अनजान व्यक्ति की निस्वार्थ मदद और लालबाग की शांति इस यात्रा को जीवनभर स्मरणीय बना गई।

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पर्णकुटी और कोंगा सॉफ्टवेयर द्वारा महिलाओं को मिला स्वरोजगार

पर्णकुटी संस्था और कोंगा सॉफ्टवेयर प्रा. लि. की ओर से जरूरतमंद महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहयोग और सामग्री प्रदान की गई। इस उपक्रम के तहत कुल 10 महिलाओं को बिजनेस किट्स दी गईं। इनमें से तीन महिलाओं को सिलाई मशीनें, चार महिलाओं को एडवांस ब्यूटी पार्लर किट्स और तीन महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए कुल 32,500 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। यह कार्यक्रम सामाजिक दायित्व (CSR) के अंतर्गत स्वयंरोजगार और कौशल विकास अभियान** के रूप में आयोजित किया गया। इस अवसर पर अभिनेत्री तथा *अस्मिता महाराष्ट्राची* संस्था की संचालिका अंकिता शिवतारे और पर्णकुटी की सह-संस्थापक स्नेहा भारती मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। उनके हाथों लाभार्थी महिलाओं को स्वरोजगार सामग्री वितरित की गई।

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