प्रभु दर्शन की चाह में तड़पती आत्मा आकांक्षा कविता

आकांक्षा

“आकांक्षा” एक संवेदनशील भक्ति कविता है, जिसमें एक भक्त की प्रभु के साक्षात दर्शन पाने की गहरी तड़प और आत्मिक संवाद को बेहद मार्मिक शब्दों में व्यक्त किया गया है.

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म्मा: दादी की यादों, संस्कारों और ममता पर भावुक कविता

अम्मा

अम्मा” एक मार्मिक हिंदी कविता है, जो दादी की ममता, संस्कार और बचपन की यादों को सहेजती है. 2010 के बाद के अकेलेपन और भावनात्मक रिक्तता को यह रचना बेहद संवेदनशील ढंग से व्यक्त करती है.

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Image Alt Text Valentine’s Week में भारतीय कपल अलग-अलग love languages के जरिए प्यार जताते हुए

वैलेंटाइन वीक ट्रेंड नहीं, रिश्तों की समझ

वैलेंटाइन वीक को अब तक केवल दिखावा समझा जाता रहा है, लेकिन रिश्तों की बदलती समझ में इसका एक नया अर्थ सामने आया है. Rose Day से लेकर Valentine’s Day तक, इस पूरे सप्ताह का हर दिन अलग-अलग love language को दर्शाता है, जो यह बताता है कि लोग प्यार को महसूस और व्यक्त कैसे करते हैं. यही वजह है कि युवा वर्ग के बीच वैलेंटाइन वीक अब भावनाओं को समझने और रिश्तों को मजबूत करने का एक आधुनिक माध्यम बनता जा रहा है.

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वैलेंटाइन डे जरूरी नहीं, रोज़ के छोटे पल ही बनाते हैं मजबूत रिश्ता

वैलेंटाइन डे जरूरी नहीं, प्यार रोज़ होना चाहिए

महंगे गिफ्ट और सोशल मीडिया दिखावे से हटकर आज के कपल्स प्यार को नए तरीके से जी रहे हैं. माइक्रो रोमांस यानी रोज़मर्रा के छोटे-छोटे पल अब मजबूत रिश्तों की असली पहचान बन रहे हैं. जानिए क्यों सुरक्षित और सच्चे प्यार को वैलेंटाइन डे की जरूरत नहीं होती.

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सूर्योदय के समय जीवन-यात्रा का प्रतीक एक राहगीर और प्राचीन सराय का दृश्य

‘नाटक’

यह दार्शनिक कविता जीवन को एक सराय और सुख-दुख को एक नाटक के रूप में प्रस्तुत करती है। ‘मैं’ और अहंकार के मंथन के बीच यह रचना कर्म, परिवर्तन और प्रेम की त्रिवेणी का संदेश देती है। जीवन की क्षणभंगुरता और आत्मबोध की रोशनी को उजागर करती यह कविता पाठक को भीतर झाँकने के लिए प्रेरित करती है।

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हल्की बारिश में सूर्यास्त के समय खड़े प्रेमी युगल का भावनात्मक दृश्य

प्रेम का आगमन

“प्रेम का आगमन” एक ऐसी भावनात्मक कविता है जो प्रेम के प्रथम स्पर्श की सुगंध, मिलन की उजली आभा और विरह की गहरी पीड़ा तीनों अवस्थाओं को संवेदनशील शब्दों में चित्रित करती है। यह रचना बताती है कि प्रेम जीवन में उजाला और पूर्णता लाता है, परंतु बिछड़ने पर वही स्मृतियाँ आत्मा को झकझोर देती हैं। प्रेम की मधुरता और उसके बाद की रिक्तता का यह मार्मिक चित्रण पाठक के हृदय को छू जाता है।

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नानी के गाँव में चूल्हे पर रोटी बनाती दादी और नीम की छाँव में खेलते बच्चे

याद आता है पुराना जमाना

यह कविता बचपन की उन सरल और सच्ची यादों को जीवंत करती है, जब नानी का गाँव, चूल्हे की रोटी, नीम की छाँव, पाठशाला के संस्कार और बिजली जाने पर चिमनी की रोशनी जीवन का हिस्सा थे। “याद आता है पुराना जमाना” सिर्फ स्मृतियों का वर्णन नहीं, बल्कि उस सादगी, अपनापन और संस्कारों की दुनिया की भावनात्मक पुनर्स्मृति है, जो आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कहीं पीछे छूट गई है।

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भागलपुर में गांधी शांति प्रतिष्ठान में आयोजित गांधी स्मृति यात्रा सम्मान समारोह का दृश्य

महात्मा गांधी आगमन की शताब्दी पर राष्ट्रीय समारोह

भागलपुर में महात्मा गांधी के आगमन की शताब्दी पर राष्ट्रीय स्तर पर बहुआयामी समारोह आयोजित किए जाएंगे। गांधी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र गुप्ता ने घोषणा करते हुए बताया कि कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को गांधी के विचारों और मूल्यों से जोड़ा जाएगा। झारखंड तक निकली गांधी स्मृति यात्रा में प्रो. मनोज कुमार, डॉ. मनोज मीता और प्रसून लतांत सहित कई गांधीवादी कार्यकर्ता शामिल रहे।

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सड़क पर घायल व्यक्ति की मदद करता हुआ संवेदनशील इंसान

मानवता..

यह कविता मानवता को एक जीवंत स्वर में प्रस्तुत करती है—जो कभी समाज की आत्मा थी, आज उपेक्षा और कठोरता के बीच संघर्ष कर रही है। फिर भी कुछ लोग ऐसे हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी मानवता को अपने कर्म, साहस और संवेदना से जीवित रखे हुए हैं। यह रचना पाठक को याद दिलाती है कि मानवता के बिना संसार का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।

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जन्मदिन पर परिवार के साथ खुश बच्चा, संस्कार और सादगी का संदेश

जन्मदिन की सौगात

यह बाल कविता जन्मदिन के उत्सव को केवल केक और उपहारों तक सीमित न रखकर, उसे संस्कार, सेवा और करुणा से जोड़ती है। पेड़ लगाना, पशु-पक्षियों के प्रति प्रेम, बड़ों का सम्मान और सादगीपूर्ण जीवन जैसे मूल्य इस रचना को बच्चों के लिए शिक्षाप्रद और प्रेरक बनाते हैं।

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