
जीवन के हर पन्ने में तुम नहीं हो
पर कुछ पन्ने हैं जो सहेज कर रखी हूँ
जहाँ तुम होते हो
मेरे जीवन में तुम वो समय नहीं हो
जहाँ भीड़ हो भागदौड़ हो
पर शांति के कुछ समय जरूर हैं
जब तुम याद आते हो
तुम याद आते हो उस वक्त
जब नीला आसमान हो खामोश सा
और एक पतंग रंगीन सी
रात के टिमटिमाते तारे जब दिखते हैं
संध्या की वो खुशबू जब फैलती है
भीनी भीनी सी
यादों की वो पुड़िया खुल जाती है
जहाँ तुम्हारी ही यादें हों
