gulmohar

एक सफ़र ऐसा भी….

ट्रेन में मिली उस नीली आँखों वाली उदास महिला ने जाते-जाते एक सवाल छोड़ दिया “क्या ब्याहतों के पर काट दिए जाते हैं?” उसकी मुस्कान कुछ पल की थी, बस उतनी देर जितनी देर कोई सावन अपनी बरसात रोक कर खिड़की से झाँकता है। वह स्टेशन पर उतर गई, और मैं सोचता रह गया . कितनी स्त्रियाँ अपनी आँखों में बरसात को कैद करके जी रही हैं, जैसे उन्हें कभी बरसना ही न हो।

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