An elderly Indian couple lovingly sharing food from the same plate while their family watches emotionally inside a middle-class home.

जीवनसाथी

जीवन भर परिवार के लिए त्याग करने वाले अम्मा और बाबूजी को रिटायरमेंट के बाद एक-दूसरे का साथ मिला, लेकिन बच्चे उन्हें अलग करने की सोच रहे थे। यह भावुक कहानी रिश्तों, प्रेम और जीवनसाथी के अधिकार का मार्मिक संदेश देती है।

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रिश्तों का जहर: क्यों टूट रहे हैं पवित्र बंधन

पति-पत्नी का रिश्ता भारत में सबसे पवित्र और गहरा माना जाता है, लेकिन आज समाज में यह रिश्ता नफ़रत, संदेह और हिंसा का केंद्र बनता जा रहा है। पति द्वारा पत्नी पर अत्याचार, पत्नी द्वारा पति की हत्या, दहेज, संपत्ति, विवाहेतर संबंध और संवाद की कमी—ये सभी कारण रिश्तों को ज़हरीला बना रहे हैं। मीडिया और सोशल मीडिया पर ऐसी घटनाएँ लगातार सामने आती हैं, जो रिश्तों की पवित्रता और समाज की नींव पर सवाल उठाती हैं।

समाधान संवाद, काउंसलिंग, कानूनी जागरूकता, संस्कार और धैर्य में निहित है। प्रेम, विश्वास और आपसी सम्मान ही वह रास्ता है जिससे पति-पत्नी के रिश्ते सुदृढ़ और खुशहाल बन सकते हैं। अगर यह समझ नहीं आया, तो समाज में “नीले ड्रम” और “ज़हर” जैसी खौफनाक घटनाएँ लगातार दोहराई जाएँगी।

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