मीडिया
खबर में ड्रामा और पत्रकारिता का मापन तय हो : त्रिवेदी
भारत भवन में आयोजित ‘प्रणाम उदन्त मार्तण्ड’ कार्यक्रम के अंतर्गत वरिष्ठ पत्रकारों ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, पेड न्यूज, एआई, डिजिटल मीडिया और मौलिकता जैसे मुद्दों पर गंभीर विचार साझा किए। वक्ताओं ने पत्रकारिता में आत्मावलोकन और जिम्मेदारी को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
पत्रकारिता को धर्म की तरह धारण करने वाले पत्रकार दिनेशचंद्र वर्मा
स्वर्गीय दिनेश चंद्र वर्मा ने पत्रकारिता को सिर्फ व्यवसाय नहीं, बल्कि धर्म की तरह जिया। उनके लेख, विद्वत्ता और नैतिकता ने स्वतंत्र पत्रकारिता का आदर्श स्थापित किया। उनके व्यापक ज्ञान, गहरी समझ और अखबारों में लगातार प्रकाशित लेख उन्हें पत्रकारिता और साहित्य जगत में अनमोल बना देते हैं।”
