Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers

छोटी कहानियों में बड़े अर्थ

रश्मि चौधरी का लघुकथा संग्रह ‘संवेदनाओं का स्पर्श’ समकालीन हिंदी लघुकथा को एक नई चेतस दिशा प्रदान करता है। ये लघुकथाएं केवल आक्रोश, टकराव या विरोध का आख्यान नहीं हैं, बल्कि इनमें मानवीय सहकार, संवेदनात्मक विस्तार और यथार्थ का सधा हुआ समन्वय देखने को मिलता है। संग्रह की रचनाएं जीवन के छोटे-छोटे प्रसंगों को बड़ी आत्मीयता और वैचारिकता के साथ प्रस्तुत करती हैं। कभी मनोविज्ञान की परतें खुलती हैं, तो कभी समाजशास्त्रीय संदर्भों का मूक आकलन होता है। ‘दुकानदारी’, ‘अन डू’, ‘सम्मान’, ‘मान्यताएं’ जैसी लघुकथाएं अपनी गहनता और प्रतीकों के माध्यम से पाठक के मन को छू जाती हैं। लेखिका की भाषा-संरचना और कथ्य विन्यास लघुकथा को संवेदना की ऐसी धरती पर स्थापित करते हैं, जहाँ विचार और अनुभूति दोनों का संतुलन है।”

Read More