gulmohar
विरह में प्रियतम की प्रतीक्षा करती नायिका का भावपूर्ण चित्र

बिरहा की भोर 

प्रेम और विरह की गहन अनुभूति से सजी यह कविता चातक, स्वाति और मधुसूदन जैसे प्रतीकों के माध्यम से प्रतीक्षा, तड़प और आशा का अद्भुत चित्र प्रस्तुत करती है। हर पंक्ति पाठक को भावनाओं की गहराई तक ले जाती है।

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