आदिवासी गोदना से प्रेरित धरती पर उकेरी हरियाली, जंगल, नदियाँ और वृक्षों का प्रतीकात्मक कलात्मक दृश्य।

गोदना

‘गोदना’ कविता आदिवासी परंपरा और प्रकृति के गहरे संबंध को रूपक बनाकर धरती पर जंगलों और हरियाली को स्थायी पहचान की तरह सहेजने का संदेश देती है। यह कविता पर्यावरण, स्मृति और जीवन के सौंदर्य का हरित घोषणापत्र बन जाती है।

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