Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers

अनोखा प्यार

तूफ़ान मेल की छुक-छुक के बीच अचानक अर्जुन की नज़र एक जानी-पहचानी खुशबू पर ठहरी वह निशा थी। छह वर्षों का सन्नाटा पलभर में टूट गया। उम्र की सफेदी बालों में उतर आई थी, पर भावनाओं की गरमी अब भी वही थी। कॉलेज के दिनों का प्रेम, एक गलती से टूटा संबंध, और फिर ट्रेन में यूँ अनायास मिलना.दोनों के भीतर दबा हुआ प्यार फिर से जाग उठा। आधी रात की लंबी बातचीत के बाद अर्जुन ने हाथ बढ़ाया-“मेरे साथ उतरना चाहोगी?” निशा ने बिना झिझक अपना हाथ उसके हाथ में दे दिया। पुराने ग़िले धुल गए थे; दो अकेली ज़िंदगियाँ फिर से एक-दूसरे को पा चुकी थीं।

Read More