गलतियाँ
शावर भकत ‘भवानी ‘ गलतियाँ भीसही होने या सही करने के लिएनैसर्गिक मार्गदर्शक बनकरस्व-पथ निर्माताबनने की ओर ले जाती हैं। विदित है किगलतियों के भय सेअकर्मण्य बने रहनागलतियों में ही विद्यमान होना है। वस्तुतः गलती नहीं करनानवीन सीखने की चेष्टा मात्र से भीपृथक हो जाना है। तर्कसंगत भी है कि गलतियाँकिए बिना सीखना असंभव है।…
