जब बेबाक पत्रकार भी कुछ पल के लिए ठहर गए
वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा ने बड़े-बड़े लोगों से बेबाक बातचीत की है, लेकिन अवधेशानंदजी महाराज के सामने उनकी सहजता में एक अलग ही भाव दिखाई दिया. यह मुलाकात सम्मान, आत्मीयता और लंबे समय से संजोई इच्छा की कहानी है.
