चर्चे थे मुख्तियार भाई की बेलबॉटम की मोरी के

जब राजेश खन्ना का जादू ढल रहा था और अमिताभ बच्चन का दौर उभर रहा था, तब कस्बाई जवानी भी बड़े परदे की नकल में अपने सपने सिलवा रही थी। महिदपुर रोड पर फैशन का मतलब था मुख्यत्यार भाई की बेलबॉटम की मोरी, जमीन से रगड़ खाती पैंट और उसे बचाने के लिए लोहे की चेन का अनोखा जुगाड़। यह सिर्फ पहनावा नहीं था, बल्कि उस समय की जवानी का स्वाभिमान, जिद और रचनात्मकता थी, जिसने छोटे शहर को भी अपने तरीके से ‘स्टाइलिश’ बना दिया।

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