कविताओं को पढ़कर दिनकर की याद आ गई : डॉ. हरि जोशी

मुंबई से लेखिका रीमा राय की रिपोर्ट
मुंबई। कवयित्री पल्लवी रानी के काव्य संग्रह ‘चितचोर’ का लोकार्पण मुंबई हिंदी अकादमी की ओर से मुंबई प्रेस क्लब में 27 दिसंबर 2025 को आयोजित किया गया। पुस्तक का लोकार्पण अमेरिका से पधारे ख्यातिलब्ध साहित्यकार डॉ. हरि जोशी के करकमलों द्वारा सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में युवा साहित्यकार पवन तिवारी उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में वरिष्ठ लेखिका अलका पाण्डेय जी एवं वरिष्ठ साहित्यकार प्रवीण देशमुख जी तथा वक्ता के रूप में प्रोफेसर डॉ. दयानन्द तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रीना धीमान ने किया तथा संस्था के सचिव रामकुमार ने कवयित्री को स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए पवन तिवारी ने कहा कि यदि पल्लवी रानी की कविताओं को एक वाक्य में परिभाषित करना हो, तो मैं कहूँगा कि उनकी कविताएँ भारतीय संस्कृति की आमुख हैं। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. हरि जोशी ने कहा कि पल्लवी रानी की कविताओं को पढ़ते हुए दिनकर और दुष्यंत कुमार की याद आती है। बहुत दिनों बाद इतनी सशक्त कविताएँ पढ़ने को मिली हैं। कविता के क्षेत्र में पल्लवी रानी भविष्य की एक बड़ी संभावना हैं।
विशेष अतिथि प्रवीण देशमुख ने कहा कि पल्लवी रानी की कविताओं में एक रागात्मक लहर है। उन्होंने संग्रह की एक कविता का सस्वर पाठ भी किया। वरिष्ठ लेखिका अलका पाण्डेय ने कहा कि ‘चितचोर’ की कविताएँ सचमुच चित्त को चुराने वाली हैं। वहीं प्रोफेसर डॉ. दयानन्द तिवारी ने कहा कि ‘चितचोर’ की कविताएँ उत्कृष्ट हैं और सभी को अवश्य पढ़नी चाहिए।
इस अवसर पर कवयित्री पल्लवी रानी ने अपने लेखकीय उद्बोधन में कहा कि वे बचपन से कविताएँ लिखती थीं, किंतु विवाह के बाद वह क्रम टूट गया। एक लंबे अंतराल के बाद उन्होंने पुनः लेखन आरम्भ किया। इसी कारण उनका पहला काव्य संग्रह आने में विलम्ब हुआ, किंतु सभी का स्नेह और सम्मान पाकर उनका मन द्रवित हो उठा।
इसके पश्चात दूसरे सत्र में काव्य-पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें पारमिता शड़ंगी, सूर्यकान्त शुक्ल, रवि यादव, ओम प्रकाश तिवारी, रीना धीमान, ओम प्रकाश पांडे, सुरेंद्र प्रसाद गांई, सेवा सदन प्रसाद, रीमा सिंह, शिवदत्त अक्स, उमेश चव्हाण, नंदा देशपांडे, कुसुम तिवारी, लक्ष्मी यादव, विनय दीप शर्मा, नन्दलाल क्षितिज, शारदा प्रसाद दुबे, सत्यभामा सिंह, शिवकुमार सिंह, रामस्वरूप साहू, ईश्वर जायसवाल जी, त्रिलोकीनाथ जायसवाल जी, चन्द्र भूषण कुमार, पार्थ भूषण, भव्या भूषण, चेन्नई से पधारे साहित्यकार ईश्वर करूण जी, रीमा सिंह, अभिनव जायसवाल, मनीषा जायसवाल, मनिषा श्रेयसी, कविता झा, नीलिमा पाण्डेय, कमलनयन, जागृति सिन्हा, राकेश त्रिपाठी, प्रमोद पल्लवित सहित अनेक रचनाकारों ने काव्य-पाठ किया।
बधाई हो पल्लवी जी ।