
डॉ. रीता दास राम, मुंबई
आवाज़
जिसे चुप होना नहीं है
आवाज़
जिसे खोना नहीं है
आवाज़
जिसे जनता की आवाज़ होना है
आवाज़
जिसे देश का नेतृत्व करना है
आवाज़
जिसे मज़लूमों की आवाज़ बनना है
आवाज़
जिसने देश के बारे में सोचा है
आवाज़
जिसने लोगों के बारे में सोचा है
यह आवाज़, जो
देश की पहचान है
यह आवाज़, जो
एकता की निशानी है
यह आवाज़, जो
जेनजी की पहचान है
पूरे विश्व की
निगाहें टिकी हैं इस आवाज़ पर
ये ज़िम्मेदारी है कि
इस आवाज़ का आगाज़ होना है।

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