प्रसिद्ध लेखिका विजया डालमिया के काव्य संग्रह भीगे अल्फाज की एक कविता

विजया डालमिया, हैदराबाद
आसमान में झिलमिलाते
सितारों को देखो तो
उनकी चमक में मुझे देखना…
मैं ही झिलमिलाऊँगा।
रात में जब कभी
नौका विहार करो तो
लहरों में मुझे ढूँढ़ना…
मेरा ही अक्स पाओगे।
कहीं दो दिल धड़कें, उनकी
धड़कन ध्यान से सुनना…
मुझे ही धड़कता पाओगे।
जब कभी प्यार भरे नग़मे सुनो,
तो उनके साथ तुम भी गुनगुनाना…
मैं भी सुनने आऊँगा।
जब कभी कोई प्रेम कहानी पढ़ो,
तो उसके लफ़्ज़ों पर गौर फ़रमाना…
शब्दों में मैं ही मैं नज़र आऊँगा…
उसने कहा था…
