gulmohar

यादों की बारिश

बीता हुआ अतीत अक्सर हमारे नयनों के सामने पल भर में जीवित हो जाता है, भूले-बिसरे गीत और बचपन की यादें याद दिलाते हैं। प्रेम, स्मृतियाँ और खोए सपने हमें बार-बार छूते हैं, चाहे हम कितनी भी ताकत जुटाएँ। कुछ यादें इतनी गहरी होती हैं कि उन्हें भुलाया नहीं जा सकता . वे हमेशा हमारे मन और दिल में जीवित रहती हैं।

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वो कुछ लोग…

ज़िंदगी भी एक ट्रेन की तरह है — जो धीरे-धीरे रफ़्तार पकड़ते हुए हमें आगे ले जाती है। हर पड़ाव पर कुछ न कुछ पीछे छूट जाता है — कोई शहर, कोई गलियां, कुछ अपने लोग। लेकिन जो सच में हमारे जीवन का हिस्सा बन चुके होते हैं, वे कभी पूरी तरह नहीं छूटते। वे ठहरे रहते हैं — हमारी यादों में, हमारी भावनाओं में, और उस अगली मुलाक़ात की उम्मीद में, जैसे स्टेशन पर खड़े वे लोग जो ट्रेन गुज़र जाने के बाद भी कुछ देर तक हाथ हिलाते रहते हैं… यादें, उदासी और इंतज़ार लिए।

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गंध अतीत की

अरसे बाद जब मैंने अपनी यादों से भरी डायरी खोली, तो एक अजीब-सी गंध ने मुझे घेर लिया — जैसे बीते हुए दिनों की धूल ने अचानक साँसों में जगह बना ली हो। हर पन्ना, हर शब्द, किसी पुराने खंडहर की दीवार-सा झरता हुआ लगा। मैं उन पलों को छूना नहीं चाहती थी, फिर भी वे मुझे अपने भीतर समेटने लगे। अतीत का हर कोना एक कहानी था — अधूरी, चुभती हुई, फिर भी ज़िंदा।

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