gulmohar
Softly lit close-up of two Indian hands gently reaching toward each other without touching, expressing emotional connection, trust, and respectful intimacy in a calm, warm-toned setting.

स्पर्श : संवेदना का संगीत

कुछ स्पर्श शरीर को नहीं, मन को छूते हैं। वे न वासना जगाते हैं, न भय बस भीतर कहीं भरोसे की लौ जला देते हैं। मर्यादा में बंधे ऐसे स्पर्श रिश्तों को शब्दों से पहले समझा देते हैं और इंसान को इंसान होने का एहसास कराते हैं।

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मैं एक दीवार हूँ: मौन सहारा, दर्द और इतिहास की संवेदनशील कविता

ऐतिहासिक दीवार

मैं एक पुरानी दीवार हूँ बोलने में असमर्थ, फिर भी सबके दुःख-दर्द, गुस्से और उपेक्षा की साक्षी| लोग अपने विषाद, हँसी, और थकान को मुझ पर टांग जाते हैं जैसे कोई पोस्टर दीवार पर चिपकाता है| जब वे मेरी पीठ से सिर टिकाकर बैठते हैं, मैं उन्हें मौन सहारा देती हूँ्| फिर भी, बदले में मुझे गालियॉं और अपमान मिलता है जैसे कोई पान की पीक थूक देता हो| मैं पुरानी जरूर हूँ, टूटने की कगार पर भी, लेकिन मेरे भीतर इतिहास छिपा है मैं ऐतिहासिक हूँ्

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