gulmohar
सूखी धरती पर उगता एक छोटा हरा अंकुर, जीवन और संवेदनाओं की नमी का प्रतीक

थोड़ी सी नमी बाकी रहने दो

जब मन से संवेदनाएँ सूखने लगें और जीवन से प्रेम, करुणा तथा ममता कम होने लगे, तब थोड़ी-सी नमी बचाए रखना जरूरी हो जाता है। यह कविता इंसानियत और प्रकृति के अस्तित्व को बचाने के लिए मन में संवेदनाओं की नमी बनाए रखने का संदेश देती है।

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