gulmohar

हस्‍तरेखा

मां के बहुत कहने पर उसने बाबा के सामने हथेली फैलाई। बाबा ने ध्यान से रेखाएँ देखीं और मुस्कराए
“अरे वा! बहुत सुंदर रेखाएँ हैं बिटिया, खूब सुख-संपत्ति और अच्छा पति मिलेगा।” वह अचानक बीच में बोल उठी—“विद्या की रेखा कहाँ है मेरे हाथ में, बताइए तो ज़रा?”बाबा ठिठक गए।“बिटिया, तुम्हारे नसीब में सब कुछ है, विद्या को छोड़कर।”उसकी आँखों में चमक आ गई।

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