आदि शक्ति जगदंबे भवानी
सिंह पर सवार, हाथों में त्रिशूल और खड्ग धारण करने वाली माँ जगदंबा की महिमा का सुंदर वर्णन करती यह कविता भक्तिभाव और श्रद्धा से परिपूर्ण है। माँ दुर्गा के दिव्य स्वरूप, शक्ति, करुणा और शरणागतों की रक्षा करने वाली कृपा को समर्पित यह रचना भक्तों के मन में आस्था का संचार करती है।
