भाई-बहन का रिश्ता
राखी के दिन भाई ने मजाक में कहा कि वह पैसे नहीं देगा और बहन ने गुस्से में उसकी राखी ही तोड़ दी। बचपन की यह छोटी-सी नोकझोंक आज एक ऐसी याद बन चुकी है, जो भाई-बहन के रिश्ते की मासूमियत और अपनापन बयां करती है।

राखी के दिन भाई ने मजाक में कहा कि वह पैसे नहीं देगा और बहन ने गुस्से में उसकी राखी ही तोड़ दी। बचपन की यह छोटी-सी नोकझोंक आज एक ऐसी याद बन चुकी है, जो भाई-बहन के रिश्ते की मासूमियत और अपनापन बयां करती है।
वर्षों बाद रक्षाबंधन पर भाइयों से मिलने पहुँची मनु के लिए यह सिर्फ राखी का त्योहार नहीं, बल्कि बचपन की उन यादों को फिर से जीने का अवसर था, जिन्हें समय कभी धुँधला नहीं कर पाया.