एक-दूजे में समाने की वह रात
हल्की बारिश, चाय की महक और प्रेम से भरी एक शांत शाम. राघव और रिद्धिमा के बीच शब्दों से परे एक ऐसा रिश्ता है, जहाँ विश्वास, अपनापन और आत्माओं का मिलन प्रेम को एक नए अर्थ में बदल देता है. यह कहानी दो दिलों की उस रात की दास्तान है, जब प्रेम कविता नहीं, बल्कि घर बन गया.
