gulmohar
मौन प्रेम और अनकहे संबंधों को दर्शाता भावपूर्ण दृश्य

अनुबंध

कुछ संबंध शब्दों के मोहताज नहीं होते। वे मौन में भी बोलते हैं और दूरी में भी धड़कते हैं। ‘अनुबंध’ ऐसी ही प्रेम कविता है, जिसमें पहली मुलाकात, अनकही चाहत, आत्मिक स्पर्श और अधूरे रिश्ते को पूर्णता देने की आकांक्षा अभिव्यक्त हुई है।

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