gulmohar

वह अफ़साना…

अश्विन सर, मुझे लेकर, कहां जा रहे हैं ? और क्यों ? छोटा शहर है, किसी ने मुझे इनके साथ देख लिया तो न जाने मेरे बारे में क्या सोचेगा ।
सर, ने मुझे एक एंप्लॉय से ज्यादा दोस्त समझा, मुझ पर विश्वास किया, और अपनी कुछ ऐसी बातें शेयर की जो वह शायद किसी और से कह नहीं सकते थे….. लेकिन उन्होंने जो कहा उसे सुनकर मैं सकते में आ गई …….. दोस्त समझा तो सही सलाह देना मेरा फर्ज था

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