gulmohar
चूड़ियों वाले हाथ में कलम लिए लिखती भारतीय महिला लेखिका

विडंबना

चूड़ियों की खनक तक सीमित समझे गए हाथ जब कलम उठाते हैं, तो काग़ज़ पर फूल नहीं, जड़ों की आग और चुप्पियों का विद्रोह उतरता है. ‘विडंबना’ स्त्री लेखन की इसी बेचैनी और प्रतिरोध की कविता है.

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