राख में भी तेरा आशियाना
कुछ रिश्ते ख़त्म होकर भी दिल से ख़त्म नहीं होते। उनकी यादें, उनकी ख़ुशबू और उनसे जुड़े सवाल बरसों बाद भी मन में बने रहते हैं। यह ग़ज़ल बिछड़ने के बाद भी प्रेम के शेष रह जाने और यादों के लगातार रिसते घावों की दास्तान है।

कुछ रिश्ते ख़त्म होकर भी दिल से ख़त्म नहीं होते। उनकी यादें, उनकी ख़ुशबू और उनसे जुड़े सवाल बरसों बाद भी मन में बने रहते हैं। यह ग़ज़ल बिछड़ने के बाद भी प्रेम के शेष रह जाने और यादों के लगातार रिसते घावों की दास्तान है।