gulmohar
जीवन के सफ़र में अकेला मुसाफ़िर मंज़िल की ओर बढ़ता हुआ

मुसाफ़िर

हम सभी इस जीवन की राह के मुसाफ़िर हैं. कोई कुछ दूर साथ चलता है तो कोई उम्रभर की याद बन जाता है. यह कविता जीवन के सफ़र, रिश्तों, संघर्ष और मंज़िल की ओर बढ़ते रहने की कहानी कहती है.

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