Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers

उठो, जागो

स्वामी विवेकानंद जयंती पर प्रस्तुत यह कविता युवाओं को निडर बनने, लक्ष्य के प्रति सजग रहने और अपने भीतर ईश्वर को पहचानने का संदेश देती है। सेवा, त्याग और मानवता के माध्यम से सशक्त भारत के निर्माण की प्रेरणा इसमें निहित है।

Read More

शरीर नश्वर, आत्मा अमर

यह लेख आत्मा की अमरता, उसके निराकार स्वरूप और परमपिता परमेश्वर से उसके संबंध पर विचार करता है, यह बताते हुए कि शरीर नश्वर है पर आत्मा अजर-अमर है और वही हमारे कर्मों का साक्ष्य रखती है।

Read More