Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
शोकाकुल घर में नेत्रदान की प्रक्रिया के बाद श्रद्धांजलि स्वरूप शांत वातावरण, मानवता और परोपकार को दर्शाता भावुक दृश्य।

…जब विदाई ने रोशनी ओढ़ ली

श्रीमती शकुंतला बोहरा के नेत्रदान ने शोक की घड़ी को मानवता के उजाले में बदल दिया। यह भावुक कहानी बताती है कि कैसे एक परिवार ने अपने निजी दुःख को दो अनजान ज़िंदगियों की रोशनी बना दिया और समाज के लिए प्रेरणा प्रस्तुत की।

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