gulmohar
सफेद साड़ी पहने तुलसी के पास दीप जलाती एक विधवा स्त्री

प्यार के रंग

क्या जीवनसाथी के जाने के बाद प्रेम का रंग बदल जाता है? अमिता कर की रचना ‘प्यार के रंग’ एक ऐसी स्त्री के मन की संवेदनाओं को अभिव्यक्त करती है, जिसके लिए पति की अनुपस्थिति में भी प्रेम, आस्था और समर्पण पहले जैसे ही हैं। बदलता है तो सिर्फ पहनावा, प्रेम नहीं।

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अमिता कर की ‘एक पुस्तक, एक नई दुनिया’ पहल के लिए भेंट की गई पुस्तकें

अमिता कर ने पुस्तकों के जरिए बढ़ाया ‘एक पुस्तक, एक नई दुनिया’ का कारवाँ

लाइव वॉयर न्यूज की ‘एक पुस्तक, एक नई दुनिया’ पहल को लेखिका अमिता कर का सहयोग मिला है. उन्होंने अपनी दो पुस्तकें भेंट कर साहित्य को नए पाठकों तक पहुँचाने और पठन-संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयास को मजबूती दी.

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