आस्था रखिए, लेकिन विवेक मत खोइए
किसी घटना के बाद सवाल उठाना जरूरी है, लेकिन सोशल मीडिया के अप्रमाणित आरोपों के आधार पर किसी को दोषी ठहराना कितना उचित है? आस्था, गुरु और भीड़ की मानसिकता के बीच विवेक की जरूरत पर विचार.

किसी घटना के बाद सवाल उठाना जरूरी है, लेकिन सोशल मीडिया के अप्रमाणित आरोपों के आधार पर किसी को दोषी ठहराना कितना उचित है? आस्था, गुरु और भीड़ की मानसिकता के बीच विवेक की जरूरत पर विचार.