पाबल में आयोजित प्रवचन सभा के दौरान आचार्य श्री राजरक्षितसूरिजी समाज में सच्चे इंसान के अभाव और पर्यावरण संरक्षण पर विचार रखते हुए

सच्चे इंसान का सबसे बड़ा अकाल

पाबल स्थित श्री पद्मप्रभ स्वामी जिनालय में आयोजित प्रवचन सभा में आचार्य श्री राजरक्षितसूरिजी ने कहा कि दुनिया में सबसे बड़ा अकाल पानी, अनाज या पेट्रोल का नहीं बल्कि सच्चे इंसान का है, और यदि समय रहते स्वार्थ, भ्रष्टाचार और प्रकृति के विनाश को नहीं रोका गया तो आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध हवा और पानी के लिए संघर्ष करना पड़ेगा.

Read More
खंडवा में राष्ट्रसंत श्री ललितप्रभ जी और डॉ. मुनि श्री शांतिप्रिय सागर जी के तीन दिवसीय विराट सत्संग प्रवचन समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित

राष्ट्रसंत श्री ललितप्रभजी का पावन आगमन

खंडवा में 14 से 16 जनवरी 2026 तक राष्ट्रसंत श्री ललितप्रभ जी और डॉ. मुनि श्री शांतिप्रिय सागर जी के पावन सान्निध्य में पुरानी अनाज मंडी, रामकृष्ण गंज में तीन दिवसीय विराट सत्संग प्रवचन समारोह का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें जीने की कला पर प्रेरणादायी मार्गदर्शन मिलेगा.

Read More
शत्रुंजय गिरिराज पालीताणा की सात यात्रा पूर्ण होने पर जैन तपस्वी अंकित बोथरा का बहुमान करते श्रद्धालु, हाथों में ध्वज, कुमकुम-अक्षत से स्वागत और भगवान आदिनाथ के जयकारों के बीच भक्तिमय वातावरण।

घोर तप और संयम की मिसाल बने तपस्वी अंकित बोथरा

शत्रुंजय गिरिराज की दिव्य सात यात्रा पूर्ण, तपस्वी का भावभरा बहुमान सुरेश परिहार, संपादक, लाइव वॉयर न्यूज महिदपुर रोड।जय आदिनाथ… जय आदिनाथ…भगवान आदिनाथ के मंगलकारी जयकारों से गुरुवार को महिदपुर रोड नगर का कण-कण भक्तिरस में सराबोर हो उठा। अवसर था शत्रुंजय गिरिराज पालीताणा महातीर्थ की चौविहार छठ सहित अत्यंत दुर्लभ एवं पुण्यप्रद सात यात्रा…

Read More

माया का जाल और आत्मा की उड़ान

जैसा कि वेद-पुराणों में वर्णित है कि चौरासी लाख योनियों में भटकने के पश्चात् मनुष्य जीवन की प्राप्ति होती है। कहा गया है “जनमत मरत दुःसह दुख होई।”
प्राणी जब एक बार जन्म लेता है और मरता है, तब लाखों बिच्छुओं के डसने जैसी पीड़ा सहनी पड़ती है। बड़े सत्कर्मों के फलस्वरूप विवेकशील प्राणी मानव रूप में इस नश्वर जगत में जन्म लेता है।

Read More

पोटली खुली नहीं, हृदय खुल गया

कथा विश्राम का वह क्षण केवल समापन नहीं था, वह कृष्ण–सुदामा की मित्रता का सजीव दर्शन बन गया। राजमहल के वैभव में अपने बालसखा को गले लगाते श्रीकृष्ण और काँपते हाथों में पोटली थामे सुदामा इस प्रसंग ने श्रद्धालुओं के हृदय पिघला दिए। बिना माँगे सब कुछ पा लेने वाली सुदामा की भक्ति और निष्काम मित्रता ने पंडाल में बैठे हर व्यक्ति की आँखें नम कर दीं।

Read More

दगडूशेठ गणपति के चरणों में झुका पुणे

नववर्ष 2026 का शुभारंभ पुणे में पूर्णतः भक्तिमय वातावरण में हुआ. वर्ष के पहले ही प्रहर में श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर आस्था का महासंगम बन गया. ‘मंगलमूर्ति मोरया, गणपति बाप्पा मोरया’ के मधुर और गूंजते जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने विघ्नहर्ता गणपति के चरणों में नववर्ष अर्पित किया.

Read More

रास की कथा से जीवन होता है रसपूर्ण

स्थानीय श्री राम मंदिर हनुमान सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के छठे दिन भक्तिरस से ओतप्रोत वातावरण देखने को मिला. कथा व्यास पंडित सुनील कृष्ण व्यास ने रास की कथा का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि रास की कथा जीवन के हर रस को पूर्ण कर देती है. जो व्यक्ति रास की कथा का श्रवण करता है, उसके जीवन में फिर किसी रस की कमी नहीं रहती.

Read More

छप्पन भोग और खाटू श्याम दरबार ने बांधा श्रद्धालुओं का मन

श्रीमद् भागवत कथा के पंचम दिवस का आयोजन आज अत्यंत भक्तिमय, उल्लासपूर्ण और आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कथा स्थल श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति से गुंजायमान रहा। हर ओर “श्रीकृष्ण” नाम का संकीर्तन, भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि और श्रद्धा की तरंगें वातावरण को पावन बना रही थीं।

Read More

कैसे करूं बयाँ…

केदारनाथ की कठोर ठंड और विपरीत परिस्थितियों के बीच एक मासूम बालक का निश्छल प्रेम यह सिखा गया कि सच्ची मानवता किसी सुविधा या संपन्नता की मोहताज नहीं होती. वही निस्वार्थ सेवा जीवन भर स्मृति बनकर हृदय में बस जाती है.

Read More

नंद के घर आनंद भयो…भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिवस का आयोजन अत्यंत भक्तिमय, भावपूर्ण और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ. कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने एकाग्रचित्त होकर कथा श्रवण किया. पूरे पंडाल में भक्ति और आनंद का वातावरण देखने को मिला.

Read More