साहित्य फरमाइश LIVE WIRE NEWS NETWORK9 months ago9 months ago01 mins ज़ख्मों की जलन, स्मृतियों की लहरें और खुशी की राख सब मिलकर दिल पर ऐसा बोझ डाल देते हैं कि मुस्कुराना भी एक फरमाइश-सा लगता है। जब भीतर बुझा हुआ चिराग ही रोशनी तलाश रहा हो, तो हौसले की एक किरण भी बड़ी मुश्किल से जन्म लेती है। Read More