प्रेम मिलन
प्रेम में मिलन की चाह और विरह की पीड़ा दोनों का अपना अलग संसार होता है। ‘प्रेम मिलन-गीत’ में प्रियतम की प्रतीक्षा करती प्रेमिका अपने मन की व्याकुलता, अधूरेपन और मिलन की तीव्र अभिलाषा को शब्द देती है। यह गीत प्रेम की मिठास और जुदाई की कसक को भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त करता है।
