मुन्ना से कीर्ति राणा
भास्कर इंदौर की सिटी डेस्क की जिम्मेदारी मिलने से लेकर नई काइनेटिक होंडा और सांप्रदायिक तनाव के बीच रिपोर्टिंग तक, यह संस्मरण पत्रकारिता के उन दिनों की यादें समेटता है, जब हर खबर के साथ जोखिम और जिम्मेदारी जुड़ी होती थी।

भास्कर इंदौर की सिटी डेस्क की जिम्मेदारी मिलने से लेकर नई काइनेटिक होंडा और सांप्रदायिक तनाव के बीच रिपोर्टिंग तक, यह संस्मरण पत्रकारिता के उन दिनों की यादें समेटता है, जब हर खबर के साथ जोखिम और जिम्मेदारी जुड़ी होती थी।