गुरु कृपा से पावन हुआ ज्ञान मंदिर

ज्ञान मंदिर में पुण्यसम्राट श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी के दीक्षा दिवस पर आयोजित गुरु भक्ति कार्यक्रम Image Caption

बच्चों से बुजुर्गों तक दिखी भक्ति की झलक

गुरु ही भवसागर से पार लगाने वाले सच्चे मार्गदर्शक हैं : साध्वी श्री

सुरेश परिहार, संपादक,लाइव वॉयर न्यूज

महिदपुर रोड पुण्यसम्राट श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी म.सा. के दीक्षा दिवस के पावन अवसर पर गुरुवार, 22 जनवरी को ज्ञान मंदिर परिसर में श्रद्धा, साधना और गुरु भक्ति से ओत-प्रोत वातावरण देखने को मिला। इस शुभ अवसर पर दिनभर विविध मंगलमय एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया।यह समस्त कार्यक्रम पुण्यसम्राट के पट्टधर गच्छाधिपति पूज्य श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी म.सा. एवं आचार्य देवेश पूज्य श्रीमद् जयरत्न सूरीश्वरजी म.सा. की आज्ञानुवर्तीनी साध्वी श्री अविचलदृष्टा श्रीजी म.सा. की सुशिष्या साध्वी श्री शाश्वतप्रिया श्रीजी म.सा. आदि ठाणा की पावन निश्रा में भक्तिभाव से सम्पन्न हुए।

प्रातः 7 से 8 बजे तक पुण्यसम्राट का साक्षात्कार कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर पुण्यसम्राट के जीवन और तपस्या को आत्मसात किया। इसके पश्चात प्रातः 9:15 से 10:30 बजे तक “गुरु जयंत आज भी जीवंत हैं” विषय पर प्रेरणादायी प्रवचन हुआ। इस अवसर पर साध्वी श्री ने कहा कि गुरु से ही जीवन की सही दिशा प्रारंभ होती है। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में गुरु का होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि गुरु ही हमें संसार रूपी भवसागर से पार होने का मार्ग दिखाते हैं।

दोपहर 12 बजे साधार्मिक भक्ति एवं भाग्य भक्ति के अंतर्गत सएकासन तप का आयोजन किया गया, जिसका प्रभावना नाका लाभ अजय कुमार, आशीष कुमार चौरडिया परिवार द्वारा लिया गया। दोपहर 2:30 बजे युवाओं एवं बच्चों के लिए “कौन बनेगा गुरु जयंतमय” प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें बच्चों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर गुरु भक्ति का सुंदर परिचय दिया।

सायंकाल 6:30 बजे सामूहिक प्रतिक्रमण संपन्न हुआ। रात्रि 7:30 से 8:30 बजे तक गुरु जयंतसेन सूरी पद का सवा लाख जाप श्रद्धा और एकाग्रता के साथ किया गया। इसके पश्चात 108 दीपकों से पुण्यसम्राट की महाआरती की गई। साथ ही गुरु भक्ति एवं पुण्यसम्राट को माला अर्पण का भावपूर्ण आयोजन हुआ।

इस अवसर पर महाआरती का लाभ पारसमल, निलेश कुमार, रितेश कुमार भंडारी परिवार ने लिया। पुण्यसम्राट की वाक्षकक्षेप पूजा का लाभ समरथमल, शुभम कुमार, संकेश कुमार चोरडिया परिवार ने प्राप्त किया, जबकि अक्षत वधामणा का लाभ अखिल भारतीय महिला परिषद महिदपुर रोड तथा साधार्मिक भक्ति व प्रभावना का लाभ अशोक कुमार, हिमांशु कोचर परिवार द्वारा लिया गया।

दिनभर चले इन सभी धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। ज्ञान मंदिर का संपूर्ण वातावरण गुरु भक्ति, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। उक्त जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने दी।

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