सुनो पलाश …

हर साल फरवरी में पलाश जब अनंत से उतरकर मेरे छत की मुंडेर तक खिल जाता था, तब कुछ भीतर गुनगुनाने लगता था। ज्वालामुखी से दहकते फूलों की गरमी मेरी उँगलियों तक दौड़ जाती थी। किताबें बेअसर हो जाती थीं, मन मुंडेर पर टिक जाता था, और अम्मा की डांट भी उस खींचाव को रोक नहीं पाती थी। तब नीले स्कर्ट की सुनहरी किनारी घुटनों तक फहराती थी और गालों पर सिंदूरी रंग अपनी पहली होली खेलने लगता था। साल दर साल फरवरी आती रही, लेकिन आज कपोल रक्तहीन हो गए, स्कर्ट बीते दिनों की बात बन गई, और अम्मा की डांट एक स्मृति। लेकिन मन अब भी चाहता है कि पलाश लौटे, फिर एक बार मुंडेर तक झुके, फिर से होरी से पहले होली खेली जाए।

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सही राह !

“सही राह” एक भावनात्मक कहानी है, जिसमें एक पिता अपने बेटे को छोटी-छोटी इच्छाओं से ऊपर उठकर ज्ञान और शिक्षा की ओर प्रेरित करता है। यह कहानी सिखाती है कि असली खुशी और सफलता किताबों और सीखने में छिपी होती है, न कि केवल भौतिक चीजों में।

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चांदनी रात में फूलों से भरे बगीचे में नज़ाकत से चलती एक सुंदर स्त्री, चारों ओर महक और रोमांटिक वातावरण

इश्क़ का सुकून

यह ग़ज़ल मुहब्बत के नाज़ुक और खूबसूरत एहसासों को बेहद सलीके से प्रस्तुत करती है। इसमें प्रिय के रूप, उसकी अदाओं और उसके प्रभाव को प्रकृति के बिंबों के माध्यम से उकेरा गया है—जहाँ नज़ारे शरमा जाते हैं, फूल मदहोश हो जाते हैं और हवाएँ भी बेखुद हो उठती हैं। शायर के लिए प्रेम केवल भावना नहीं, बल्कि एक ऐसा आध्यात्मिक अनुभव है जो जीवन के सफर को उजालों और सुकून से भर देता है।

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सूर्य को अर्घ्य देने से मिलते हैं स्वास्थ्य, यश और सफलता

सूर्य केवल प्रकाश और ऊर्जा का स्रोत नहीं है, बल्कि वह हमारे जीवन के स्वास्थ्य, सफलता, यश और राज्य पद का भी कारण है। नियमित रूप से सूर्य को अर्घ्य देने से न केवल नौ ग्रह अनुकूल होते हैं, बल्कि जीवन की बड़ी से बड़ी समस्याएं भी हल होती चली जाती हैं। जानिए सूर्य को अर्घ्य देने की सही विधि, विशेष उद्देश्य अनुसार उपाय और जरूरी सावधानियां।

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स्वर्णिम प्रभात की सुनहरी किरणें जब धरती को आलोकित करती हैं, तब प्रकृति का हर कण जीवन, सौंदर्य और नवचेतना का संदेश देता है

स्वर्णिम प्रभात

स्वर्णिम प्रभात की सुनहरी किरणों से आलोकित यह कविता प्रकृति के अनुपम सौंदर्य, पक्षियों के मधुर कलरव, उषा की मनोहारी लालिमा और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत करती है। यह रचना प्रकृति के प्रति प्रेम, कृतज्ञता और संरक्षण की भावना जागृत करती है।

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पुणे निवेश घोटाला

पुणे में 43 करोड़ की अवैध निवेश योजना का पर्दाफाश

पुणे में आर्थिक अपराध शाखा ने 43 करोड़ रुपये की अवैध निवेश योजना का खुलासा करते हुए वेलेंटिना इंडस्ट्रीज के संचालकों पर मामला दर्ज किया. 2000 से अधिक निवेशकों को ऊंचे रिटर्न का लालच दिया गया था.

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स्त्री : ‘एक मैनुअल’

समाज ने औरत के अस्तित्व को एक ऐसे समीकरण में बैठाया है जो कभी भी अपना फॉर्मूला बदल सकता है मनचाहा उत्तर पाने के लिए । व्यंग है दोहरे मापदंड वाले समाज पर जो औरत को हर पल एक स्केनर के नीचे रखता है ।

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बड़ा बैनजी श्यामलता शर्मा: एक युग का अंत

बड़ा बैनजी- श्यामलता शर्मा

महिदपुर रोड की 95 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका श्यामलता शर्मा, जिन्हें पूरा क्षेत्र “बड़ा बैनजी” के नाम से जानता था, अब हमारे बीच नहीं रहीं। बेटियों की शिक्षा के लिए उनका संघर्ष, उनका स्नेह और उनकी रोशन मुस्कान पीढ़ियों तक याद की जाएगी।

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कितनी खूबसूरत ये तस्वीर है… ये कश्मीर है

म बचपन से पढ़ते आए हैं …धरती पर अगर स्वर्ग कहीं है तो यहीं है… यहीं है… यहीं है…. अमीर खुसरो ने कश्मीर को बहुत सुंदर तरीके से व्यक्त किया है. थोड़े बड़े हुए तो और एक गीत सुना… कितनी खूबसूरत यह तस्वीर है… हां यह कश्मीर है. कश्मीर का नाम सुनते ही एक खूबसूरत तस्वीर नजरों के सामने आ जाती है जो हमने अक्सर फोटोस या फिल्मों में देखी है. बर्फ से ढकी चोटियां, खूबसूरत कॉटेज और पानी पर बहते हुए शिकारे यह तमाम खासियत कश्मीर को धरती का स्वर्ग बनाती है.

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ख्यालों में आता रहा…

वह ख्यालों में बार-बार आता रहा कभी याद बनकर सुलाता, कभी कसक बनकर रुलाता। कभी ज़ख़्मों पर मरहम था, तो कभी दिल की आग। साँसों में उसकी महक थी, बारिश की तरह वह बरसता रहा। जब दिल के दरवाज़े खुले, तो वही धड़कन बनकर बस गया। समय बेरहम था, इश्क़ पर परदा रहा और मैं, हर टूटन के बाद भी उसी को महसूस करती रही।

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